Tuesday, November 9, 2010

देही-अभिमानी बनो

मीठे बच्चे - तुम देही-अभिमानी बनो तो सब बीमारियाँ खत्म हो जायेंगी और तुम डबल सिरताज विश्व के मालिक बन जायेंगे"

प्रश्न: बाप के सम्मुख किन बच्चों को बैठना चाहिए?

उत्तर: जिन्हें ज्ञान डांस करना आता है। ज्ञान डांस करने वाले बच्चे जब बाप के सम्मुख होते हैं तो बाबा की मुरली भी ऐसी चलती है। अगर कोई सामने बैठ इधर-उधर देखते तो बाबा समझते यह बच्चा कुछ भी समझता नहीं है। बाबा ब्राह्मणियों को भी कहेंगे तुमने यह किसको लाया है, जो बाबा के सामने भी उबासी देते हैं। बच्चों को तो ऐसा बाप मिला है, जो खुशी में डांस करनी चाहिए।

गीत:- दूरदेश का रहने वाला....

धारणा के लिए मुख्य सार:

1) रात को सोने से पहले बाबा से मीठी-मीठी बातें करनी हैं। बाबा हम इस शरीर को छोड़ आपके पास आते हैं, ऐसे याद करके सोना है। याद ही मुख्य है, याद से ही पारसबुद्धि बनेंगे।

2) 5 विकारों की बीमारी से बचने के लिए देही-अभिमानी रहने का पुरुषार्थ करना है। अथाह खुशी में रहना है, ज्ञान डांस करना है। क्लास में सुस्ती नहीं फैलाना है।

वरदानः- सन्तुष्टता द्वारा सर्व से प्रशन्सा प्राप्त करने वाले सदा प्रसन्नचित भव

सन्तुष्टता की निशानी प्रत्यक्ष रूप में प्रसन्नता दिखाई देगी। और जो सदा सन्तुष्ट वा प्रसन्न रहते हैं उनकी हर एक प्रशन्सा अवश्य करते हैं। तो प्रशन्सा, प्रसन्नता से ही प्राप्त कर सकते हो इसलिए सदा सन्तुष्ट और प्रसन्न रहने का विशेष वरदान स्वयं भी लो और औरों को भी दो। क्योंकि इस यज्ञ की अन्तिम आहुति-सर्व ब्राह्मणों की सदा प्रसन्नता है। जब सभी सदा प्रसन्न रहेंगे तब प्रत्यक्षता का आवाज गूंजेगा अर्थात् विजय का झण्डा लहरायेगा।

स्लोगनः- चारों ही सबजेक्ट में स्वमान के अनुभवी स्वरूप बनो तो देह अभिमान नजदीक नहीं आ सकता।

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